अधूरा है हिंदी का सम्मान

प्रत्येक स्वतंत्र देश के लिए स्वयं की एक भाषा होती है, जो उस देश का मान-सम्मान और गौरव होती है। भाषा और संस्कृति ही उस देश की असली पहचान होती है। भाषा ही एक ऐसा जरिया है जिसकी मदद से हम अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। विश्व में कई सारी भाषाएँ बोली जाती है जिसमें हिंदी भाषा का विशेष महत्व है। यह भाषा … Continue reading अधूरा है हिंदी का सम्मान

औचित्य खोते वैश्विक संगठन

दृश्य 1: सुरक्षित स्थान की तलाश में अपने ही देश से पलायन करने के लिए एयरपोर्ट के बाहर हज़ारों महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की भीड़ लगी है। कई दिन और रात वो भूखे प्यासे वहीं डटें हैं इस उम्मीद में कि किसी विमान में सवार हो कर वो अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करने में कामयाब हो जाएंगे। बाहर तालिबान है, भीतर नाटो … Continue reading औचित्य खोते वैश्विक संगठन

गीत गाया पत्थरों ने

रामप्पा ने राजा के भावों को बेजान पत्थरों पर उकेर कर उन्हें 40 सालों की मेहनत से उसे एक सुमधुर गीत जो बना दिया था। जी हाँ, रामप्पा ने 40 सालों में जो बनाया था वो केवल मंदिर नहीं था, वो विज्ञान का सार था तो कला का भंडार था। यह कलाकृति एक शिव मंदिर है जिसे रुद्रेश्वर मंदिर भी कहा जाता है। भारत ने … Continue reading गीत गाया पत्थरों ने

जनसमर्थन से हो जनसंख्या नियंत्रण।

भारत के पास भूमि कम है लेकिन जनसंख्या ज्यादा है। कल्पना कीजिए कि जब भारत यूएन की रिपोर्ट के अनुसार इन्हीं सीमित संसाधनों के साथ चीन को पछाड़ कर विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा तो क्या स्थिति होगी।उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण नीति लागू करने के फैसले ने इस विषय को राजनैतिक गलियारों में चर्चा से लेकर आम लोगों के बीच … Continue reading जनसमर्थन से हो जनसंख्या नियंत्रण।

मंत्रिमंडल विस्तार या मंत्रिमंडल सुधार

मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का ताज़ा विस्तार जहां कई उम्मीदों को जगाता सा दिखता है वहीं वो अपनी कई नाकामियों पर पर्दा डालता भी नज़र आता है। क्योंकि जिस प्रकार से भाजपा के कई दिग्गजों से स्तीफा लेकर नए चेहरों को सरकार में जगह दी गई है उससे इसे मंत्रिमंडल विस्तार न कहकर मंत्रिमंडल सुधार कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा। इतना ही नहीं … Continue reading मंत्रिमंडल विस्तार या मंत्रिमंडल सुधार